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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास मंडल

न्यास को प्राधिकरण (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास का अवस्थापक) द्वारा समय-समय पर नियुक्त न्यास मंडल द्वारा प्रबंधित किया जाता है। मंडल के न्यासी में से एक मंडल के अध्यक्ष के रूप में प्राधिकरण द्वारा नामित किया जाता है। प्राधिकरण एक उपयुक्त व्यक्ति को न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्त करता है जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास मंडल के अधीक्षण, नियंत्रण और निर्देशन के अधीन न्यास के दैनिक प्रशासन एवं प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होता है। प्राधिकरण ने 1 अगस्त 2014 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में श्री कमल चौधरी को नियुक्त किया है। मंडल की बैठक तीन कैलेंडर महीनों में एक बार होती है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास के न्यासी मंडल में निम्न सदस्य शामिल हैं:

श्री एन. डी. गुप्ता - न्यासी

एन. डी. गुप्ता

श्री एन. डी. गुप्ता को तीन वर्ष की अवधि के लिए 30 मार्च 2015 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास के न्यासी के रूप में नियुक्त किया गया। वह एक शिक्षाविद्, प्रशासक हैं और पेशेवर सनदी लेखाकार हैं। वे प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों के छात्र रह चुके हैं और उन्होंने अपनी सारी परीक्षाओं को विशिष्टता के साथ उतीर्ण किया है। श्री एन.डी. गुप्ता ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों का लेखन किया है और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कई पत्रिकाओं एवं शोधों में योगदान दिया है। वे भारतीय रिजर्व बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी, स्थानीय स्वशासन, नगर निकायों जैसे कुछ शीर्ष संस्थानों को लेखा परीक्षा, कराधान और वित्तीय परामर्श सेवाएं प्रदान करने में शामिल हैं और एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में कई सार्वजनिक कंपनियों के मंडल में शामिल थे। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गठित राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा लेखा मानकों के अनुपालन में अंतराल की पहचान करने के लिए समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्होंने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान के अध्यक्ष (आईसीएआई) के रूप में भी कार्य किया है। वे अंतर्राष्ट्रीय लेखा मानक समिति (आईएएससी), यू.के. और अंतर्राष्ट्रीय लेखाकार संघ (आईएफएसी), यूएसए के मंडल सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने बीमा, लेखा और प्रबंधन पर कई किताबें और लेख लिखा है और वे आईसीएआई जर्नल, “दी चार्टर्ड एकाउंटेंड” के प्रमुख संपादक रह चुके हैं। वे कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में पत्रिका लेखक और मुख्य वक्ता रह चुके हैं।“

श्री अतानु सेन – अध्यक्ष एवं न्यासी

श्री अतानु सेन

श्री अतानु सेन को तीन वर्ष की अवधि के लिए 12 जून 2017 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास मंडल में न्यासी के रूप में नियुक्त किया गया है। श्री अतानु सेन कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम०ए० किया हैं तथा भारतीय बैंकर संस्थान के एक अर्हता-प्राप्त प्रमाणपत्रित सहयोगी (सीएआईआईबी) हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ अपने 35 वर्षों के लंबे कार्यकाल के कारण श्री अतानु सेन वित्तीय क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। सितंबर 1977 से अगस्त 2012 तक, उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ विभिन्न प्रबंधन भूमिकाएं निभायीं। वह मुंबई मंडल, जिसमें 1200 शाखाएं शामिल थीं और जो बैंक कारोबार का सबसे बड़ा क्षेत्र था, के मुख्य महाप्रबंधक थे। वे उत्तर पूर्व मंडल के महाप्रबंधक भी रहे, जहां उन्होंने अल्प सुविधाप्राप्त और कम बैंक सुविधा वालों के वित्तीय समावेशन के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत किए। यह मंडल जीवमितिक निकट क्षेत्र संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके वित्तीय समावेशन में एक नया प्रतिमान ले कर आया, जो वर्तमान परिदृश्य में, मिजोरम, मेघालय और असम के ग्रामीण क्षेत्रों में, वित्तीय समावेशन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप है। वे इस बैंक के फ्रैंकफर्ट कार्यालय, जिसके पास उस अवधि के दौरान सभी भौगोलिक क्षेत्रों में इस बैंक का सबसे बड़ा व्यापार फ़ोलियो था, के व्यापार वित्त एवं ऋण ऊर्ध्वाधर के प्रभारी भी थे। उनके पास उच्च मूल्य ऋण, आधार संरचना वित्तपोषण, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन, बैंकिंग संचालन एवं प्रशासन सहित बैंकिंग के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता है।

2012-2014 की अवधि के दौरान, वे एसबीआई लाइफ इन्सुरेंस कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। एसबीआई लाइफ इन्सुरेंस कम्पनी लिमिटेड के साथ उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी को जमनालाल बजाज गुणता आश्वस्ति द्वारा 'वित्तीय सेवा क्षेत्र में भारत में सर्वश्रेष्ठ कंपनी', एशिया पैसिफिक गुणता आश्वस्ति द्वारा ‘एशिया एवं पैसिफिक की सर्वश्रेष्ठ कंपनी’ तथा स्कॉच इंडिया द्वारा ‘वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाला सर्वोत्तम बीमा कंपनी' के रूप में चुना गया था| इकॉनोमिक टाइम्स ने श्री अतानु सेन के संचालन की अवधि के दौरान एसबीआई लाइफ को 'भारत में साथ काम करने के लिए शीर्ष 50 उत्कृष्ट स्थानों में से एक' माना है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्ति के पश्चात्, 31 जुलाई 2015 तक ऋण, जोखिम प्रबंधन और क्रॉस विक्रय में वे एसबीआई के सलाहकार थे। वर्तमान में, वह एक सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं तथा बैंक/विविध कंपनियों में स्वतंत्र/नामांकित निदेशक के रूप में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं|

Sh. Y Venkata Rao - Trustee

PFRDA has appointed Mr Y. Venkata Rao as Trustee to the Board of NPS Trust w.e.f. 15th December 2020
Mr Venkata Rao has been a seasoned professional with four decades of service in Life Insurance, Banking and Mutual Fund industries, last 12 years in CXO positions. His experience in Public and Private sector entities spans across verticals, viz., Investments, Operations, Sales / Distribution, IT and HR / Training & Development.  He held top managerial positions in Investments and Operations, his last assignment being Chief Investment Officer. He is known for designing and implementing systems and processes, encompassing Compliance and Risk Management. At the core, he is a people man.
He is a graduate in Science from Andhra University and a post graduate in Management from Institute of Public Enterprise, Hyderabad. 
He was associated with various Organisational restructuring and Industry level initiatives and co-ordinated a strategic alliance with a leading Management Institute for designing, developing and imparting training module for Investment officials. During his tenure, he conducted more than 200 seminars / workshops on varied subjects – Functional, Behavioural and Regulatory aspects. He is a guest speaker and panel member at various Management and Training institutes. 
He is currently Non executive Chairman of a Technical Consultancy Organisation, APITCO, Hyderabad.
He stays in Hyderabad with his family.

Ms. Chitra Jayasimha - Trustee

PFRDA has appointed Ms. Chitra Jayasimha as Trustee to the Board of NPS Trust w.e.f. 15th December 2020